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मीलाद शरीफ और क़ुर्आन

 *🌹🌹🌹🌹रबीउन नूर शरीफ-🌹🌹🌹🌹*    तमाम गुलामाने आशिकाने मदह ख्वाने मुस्तफा को रबीउन नूर शरीफ बहुत बहुत मुबारक हो                  *मीलाद शरीफ और क़ुर्आन*    *ⓩ हुज़ूर सल्लललाहो तआला अलैहि वसल्लम की ज़ात व औसाफ व उनके हाल व अक़वाल के बयान को ही मिलादे पाक कहा जाता है,हुज़ूर सल्लललाहो तआला अलैहि वसल्लम की विलादत की खुशी मनाना ये सिर्फ इंसान का ही खास्सा नहीं है बल्कि तमाम खलक़त उनकी विलादत की खुशी मनाती है बल्कि खुद रब्बे क़ायनात मेरे मुस्तफा जाने रहमत सल्लललाहो तआला अलैहि वसल्लम का मीलाद पढ़ता है,यहां क़ुर्आन की सिर्फ चंद आयतें पेश करता हूं वरना तो पूरा क़ुर्आन ही मेरे आका सल्लललाहो तआला अलैहि वसल्लम की शान से भरा हुआ है मगर कुछ आंख के अंधे और अक़्ल के कोढ़ियों को ये आयतें नहीं दिखतीं और वो लोग इसको भी शिर्क और बिदअत कहते हैं माज़ अल्लाह,हवाला मुलाहज़ा फरमायें*    *कंज़ुल ईमान* -वही है जिसने अपना रसूल हिदायत और सच्चे दीन के साथ भेजा    📕 पारा 10,सूरह तौबा,आयत 33    *कंज़ुल ईमान* -बेशक तुम्हारे प...

छ: कलमे हिंदी मेँ

  1) पहला कलमा तय्यब (Pehla Kalma Tayyab)- لَآ اِلٰهَ اِلَّااللهُ مُحَمَّدٌ رَّسُولُ اللہِ “ ला इलाहा इलल्लाहु मुहम्मदुर्रसूलुल्लाहि ” “ La Ilaha Illallaahu Muhammadur Rasoolullaah “ 1.1) पहला कलमा तय्यब तर्जुमा (Pehla Kalma Tayyab Hindi Translation)- “ अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं और हज़रत मुहम्मद सलल्लाहो अलैहि वसल्लम अल्लाह के  रसूल है। “ “ Allah Ke Siwa Koi Mabood Nahi Aur Hazarat Mohammad Sallallahu Alaihi Wasallam Allah Ke Rasool Hai. “ 2) दूसरा कलमा शहादत (Doosra Kalma Shahaadat)- اَشْهَدُ اَنْ لَّآ اِلٰهَ اِلَّا اللهُ وَحْدَہٗ لَاشَرِيْكَ لَہٗ وَاَشْهَدُ اَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهٗ وَرَسُولُہٗ “ अशहदु अल्लाह इल्लाह इल्लल्लाहु वह दहु ला शरी-क लहू व अशदुहु अन्न मुहम्मदन अब्दुहु व रसूलुहु ” “ Ash Hadu Allah Ilaha Illallaahu Wah Dahu La Sharika Lahu Wa Ash Hadu Anna Muhammadan Abduhu Wa Rasooluhu “ 2.1) दूसरा कलमा शहादत तर्जुमा (Doosra Kalma Shahaadat Hindi Translation)- “ मैं गवाही देता हुँ के अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं। वह अकेला है उसका कोई शरीक नहीं और मैं गवाही देता ...

नमाज़ का तरीक़ा

 *📃🖌️📃🕌 ﴾ ﷽ ﴿ 🕋📃🖌️📃 *▬▬▭܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀܀▭▬▬* 📝 *सवाल :-* अच्छा अब मुझे यह बताइये कि रसूले खुदा सल्लल्लाहुअलैहि वसल्लम ने नमाज़ में क्या - क्या पढ़ने का हुक्म दिया है और किस तरह नमाज़ पढ़नी चाहिये ? ✍🏻 *जवाब :-* जो चीजें नमाज़ में पढ़ी जाती हैं उन सब के नाम और अल्फाज़ यह हैं।  🔘 *तकबीर -* अल्लाहु अकबर (अल्लाह सब से बड़ा है)  🔘 *सना :* सुबहानकल्लाहुम्म व बि हम्दि - क व तबा - र कस्मु - क व तआला जदु - क व ला इला - ह गैरू - क.  *🔘 तर्जुमाः-* ऐ अल्लाह हम तेरी पाकी का इकरार करते हैं और तेरी तारीफ़ बयान करते हैं और तेरा नाम बहुत बरकत वाला है और तेरी बुज़ुर्गी बरतर और तेरे सिवा कोई मुस्तहिके इबादत नहीं। 🔘 *तअव्वुज़* अऊजु बिल्लाहि मिन - शैता - निर - रजीम० *🔘 तर्जुमा :-* मैं अल्लाह की पनाह चाहता हूं शैतान मरदूद से। 🔘 *तसमीया* बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम ० *🔘 तर्जुमाः-* अल्लाह के नाम से शुरू करता हूं जो बड़ा मेहरबान निहायत रहम वाला है।  1️⃣ *सूरह फ़ातिहा* अलहम्दु लिल्लाहि रबिल आलमीन. अर रहमानिर् रहीम, मालिकि यौमिददीन, इय्या - क नअबुदु व इय्या - क नस् तयीन....